About Mandi Bhav Project

मंडी भाव प्रोजेक्ट के बारे में 

मंडी (Mandi) एक ऐसा शब्द है जिसे सुन कर किसान भागता है |

आजादी के सत्तर साल के बाद भी आज किसान जब भी अपनी फसल बेचने के बारे में बात करता है तो वो सिटने फेंकने गेरने बगाने जैसे शब्द प्रयोग करता है | किसान में अभी तक यह आत्मविश्वास नही उपजा है कि वो अपनी फसल को अपने नाम से अपनी पहचान और ब्रांड के साथ मार्किट में उपलब्ध करा सके | 

खेती का सार

खेती का असली सार ही मंडी में छिपा है जहाँ से सारी अर्थव्यवस्था चलती है. खेती बाड़ी  से जुड़े ज्यादातर महकमे और इदारे सिर्फ उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करते रहते हैं खेतीबाड़ी सेक्टर में मार्केटिंग पक्ष को मजबूत करने के लिए देश में कोई ख़ास काम नहीं हुआ है |

मंडियों के अंदर बेहद समझदार और चुस्त लोगों का एक नेटवर्क काम करता है जो सूचनाओं को एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने में माहिर होता है और उनकी यह समझदारी ही उनकी तरक्की का राज होती है | 

किसान को उसी समझदारी के रास्ते की ओर अग्रसर करके उसमें एक आत्मविश्वास जागृत करना मंडी रेट्स प्रोजेक्ट का बड़ा उद्देश्य है |

विस्तार 

मंडी रेट्स प्रोजेक्ट किसानों में मंडी और फसलों के मंडीकरण की समझ को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया एक प्रयास है | हम विभिन्न विश्वसनीय स्त्रोतों से पक्की सच्ची और सटीक सूचनाएं एकत्र करके उन्हें सरल समझ में आ सकने वाली भाषा में बदल कर किसान भाइयों तक पहुंचाने का जतन कर रहे हैं | 

सरकारें और उनके विभिन्न महक़मे करोड़ों रूपये खर्च करके छोटी छोटी सूचनाओं का संग्रह करके उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध करवाते हैं चूँकि इस काम में बहुत सारे विभाग अलग अलग स्तरों  पर काम करते हैं जिसकी वजह से सूचनाएं इंटरनेट पर बिखरी छितरी अवस्था में उपलब्ध होती हैं | 

यह प्रोजेक्ट की टीम इन सूचनाओं को एकत्र करती है और उन्हें सरल भाषा में बदल कर उन किसानों तक पहुंचाने का कार्य करती है जिनके लिए सूचनाएं सरकारी विभागों के द्वारा बनाई गयी थी  इस प्रकार हम सरकार द्वारा किसानों के लिए किये जा रहे बड़े प्रयासों में एक स्पोर्ट सिस्टम की तरह से काम करते हैं| 

यह पूरा कार्यक्रम  पूर्णतया स्वायत: है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है भविष्य में इसे ऑनलाइन विज्ञापनों की सहायता से मोनेटाईज करके इसकी सेवा का क्षेत्र बढ़ाने की योजना है | अभी फिलहाल हिंदी और पंजाबी लिपियों को सूचनाएं भेजने के लिए मंडी रेट्स प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है लेकिन आगे चलकर कन्नड़,तमिल,मलयालम, तेलगू ,मराठी,बांग्ला और उड़िया भाषाओँ को शामिल करने की योजना है |   

हमारा प्रोजेक्ट ऐसे सभी किसानों की  खोज करता है जिन्होंने अपनी सूझबूझ से अपने खेत के उत्पादों को बेचने के लिए नवाचार करने का प्रयास किया है ताकि उनसे सीख कर प्रबंधन के सूत्र निकाले जा सकें और उन्हें किसान समाज में बाँट कर उद्यमशीलता का माहौल  देश में बनाया जाए ताकि हरेक किसान अपने लिए स्थानीय बाजार में जगह बना सके और अपनी खेती को लाभकारी बना कर खेती किसानी वाली उन्मुक्त  रोगमुक्त जीवनशैली का आनंद ले सके |

इस प्रोजेक्ट में फसलों के मंडीकरण से सभी पहलुओं जैसे इक्कठा करना , ग्रेडिंग , पैकिंग , ढुलाई और रिटेलिंग आदि सभी विषयों पर प्रैक्टिकल जानकारी देने की योजना है ताकि किसान भाई इस विषय में स्टेप बाय स्टेप सीख सकें और उन्हें सभी मार्किट लिंकेज एक ही जगह पर मिल जाएँ |

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