करोना काल में खाद्य पदार्थों में मिलावट से पड़ रही है दोहरी मार

मोहन सिंह आहलूवालिया, पूर्व कमिश्नर हरियाणा सरकार, वर्तमान सीनियर सदस्य एनिमल वेलफेयर बोर्ड ,भारत सरकार , महंत ग्वाला गद्दी ,गाँव खेडी, रायपुर रानी,पंचकुला हरियाणा

Mohan Singh Ahluwalia 1

पूरी मानवजाति के लिए इस वक्त कोरोना आस्तित्व का संकट लेकर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है | हर रोज कितने ही लोग कोरोना संक्रमित होकर अकाल मृत्यु के मुँह में समाते जा रहे हैं | सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक करीब 2 लाख से ज्यादा लोगों को विकराल बीमारी अपना शिकार बना चुकी है |

हालाँकि ऐसा भी नहीं है कि कोरोना से संक्रमण के बाद लोग स्वस्थ नहीं हुए हैं | स्वस्थ भी हुए हैं | अब एक ही बीमारी के कारण मरने वाले और उसी बीमारी से ठीक होने वाले लोगों के कारण को ढूंढने का जब प्रयास किया गया तो सबसे बड़ा कारण इम्युनिटी स्तर के मजबूत होने का सामने आया है और इम्युनिटी का सीधा-सीधा सम्बन्ध हमारे खान-पान की वस्तुओं और उन खाद्य सामग्री में शुद्धता के स्तर से है |

पिछले कई दशक से एक अनदेखा आतंकवाद जो हमें अन्दर से बीमार करके कैंसर, डायबिटीज जैसी बड़ी बीमारियाँ देता हुआ धीरे-धीरे मौत की तरफ धकेल रहा है वो है खाद्य आतंकवाद यानि फ़ूड टेरररिज्म | अनुचित लाभ और पैसा कमाने के लिए खाने पीने की चीजों में जहरीले कैमिकल की मिलावट करके पिछले कई दशकों से इस मुल्क की नस्लों को कमजोर करने का भारी अपराध किया जा रहा है और इस मिलावट के खतरनाक परिणाम इस वक्त हमारे सामने आ रहे हैं जब इम्युनिटी लेवल के कमजोर होने से लोग कोरोना जैसी बीमारियों के शिकंजे में फंसकर अपनी जान गंवा रहे हैं |

मिलावट के इस जहर के असल दोषी बेशक मिलावट करने वाले लोग हैं लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से हम लोग भी इसके दोषी हैं क्यूंकि हम लोगों ने खाद्य वस्तुओं की शुद्धता के निर्धारण का पैमाना उसके टीवी पर निरंतर चलते विज्ञापन, अच्छी महंगी पैकिंग और महंगे दाम को मान कर उसका इस्तेमाल किया है जबकि प्रकृति की गोद में किसान के घर में पूरी शुद्धता के साथ लेकिन बिना विज्ञापन, बिना पैकिंग और सस्ते दाम की वस्तुओं को हमने सिरे से ख़ारिज करके केवल और केवल मिलावट और धीमे जहर वाली वस्तुओं को ही अपने खान-पान में शामिल करके अपने ना केवल अपने स्वास्थ्य वल्कि कोरोना जैसी महामारी के समय अपने पूरे आस्तित्व को ही संकट में डाल दिया है |

हम लोग यह आखिर यह बात क्यों समझने को तैयार नहीं है कि विज्ञापन एक क़ानूनी झूठ है | बहुत ज्यादा पैसे लेकर किसी भी प्रोडक्ट का प्रचार करने वाले बड़े स्टार्स और कम्पनियाँ कभी भी शुद्धता की गारंटी नहीं देती हैं | लेकिन हम यह बात समझने को तैयार नहीं है | पिछले दिनों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ब्रांड्स के शहद में भारी मात्रा की मिलावट पाई गई थी |

मिलावट का सबसे बड़ा खतरा तो दूध को लेकर है जिसे आम तौर पर अकेले को ही सम्पूर्ण आहार माना जाता है लेकिन इसमें 72% तक की मिलावट पाई जा रही है | मिठाइयों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तत्व दूध ही है लेकिन ज्यादातार हलवाई मिठाई अब खुद तैयार नहीं करते हैं बल्कि इसे बना बनाया खरीदते हैं और जहाँ से खरीदते हैं उन मन्युफैक्चरर्स के पास शुद्ध दूध का स्त्रोत क्या है ये बात हलवाइयों को ना तो मालूम होती है और ना वे मालूम करना चाहते हैं | ना केवल दूध बल्कि शहद, दाल, हल्दी, आटा जैसी इस वक्त ऐसी कोई वस्तु नहीं है जिसमें इस वक्त मिलावट की बात सामने ना रही हो

ये बात हमें समझनी होगी कि विज्ञापन शुद्धता की गारंटी नहीं देता है बल्कि वह तो केवल संबंधित कंपनी के लिए कस्टमर बेस तैयार करने का ही काम करता है पैसे लेकर बोलने वाला चाहे वह नायक हो या कोई कंपनी गलत बोलने को भी तैयार रहेगी | आज का व्यापार, धर्म सम्मत ना होकर लाभ सम्मत हो रहा है इसलिए बहुत बड़े स्तर पर खाद्य वस्तुओं के निर्माता अपनी आत्मा को मारते हुए मिलावट को प्राथमिकता देकर दोनों हाथों से पैसा बटोर रहे हैं |

अत: कोरोना जैसी इस वैश्विक महामारी के समय में ग्वाला गद्दी आपसे निवेदन करती है कि आप विज्ञापन, सुन्दर पैकिंग और महंगे रेट का मोह त्याग करते हुए वापिस प्रकृति की और लौटें और स्थानीय स्तर पर तैयार की हुई खाद्य वस्तुओं का इस्तेमाल करें | विशेष तौर पर इम्युनिटी बढाने में सहायक शहद, काली मिर्च, अलसी, अदरक और गोंद जैसी शुद्ध चीजों के लिए स्थानीय किसानों से सम्पर्क करें | अनाज, दाल, सब्जियों और देसी दवाइयों के लिए सीधे गांवों को अपने नए बाजार के विकल्प के रूप में तैयार करें | ऐसा करने से जहाँ एक ओर आप अपना इम्युनिटी स्तर मजबूत करेंगे वहीं दूसरी और देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को भी आप एक संबल देंगे|

ग्वाला गद्दी गाँव खेड़ी रायपुर रानी जिला पंचकूला पिछले लम्बे समय से मिलावट के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए दूध और घी जैसी वस्तुएँ पूरी शुद्धता के साथ उपलब्ध करा रही है | हमारे लिए देश के नागरिकों का स्वास्थ्य प्राथमिकता पर है इसलिए इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का सहयोग लेने अथवा देने के लिए आप हमसे सम्पर्क कर सकते हैं |

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