कपास के खेत में पौधों के बीच गैप फिलिंग Gap Filling कैसे करें ?

Gap Filling in Cotton and Thinning Process

किसान भाइयों कपास के खेत में बुवाई करने के दस दिनों के बाद हमारी फसल में ज्यादातर बीज अंकुरित हो जाते हैं लेकिन कुछ बीज जो अंकुरित नही होते हैं उनकी जगह खाली रह जाती है और फसल में गैप नज़र आने लगता है | जो एक तो देखने में बुरा लगता है दूसरे फसल के उत्पादन पर भी असर डालता है |

बीजों के अंकुरित न होने के अनेक कारण हो सकते हैं। जैसे की बीज का सड़ जाना, बीज का सी गहराई में बुवाई ना हो पाना, किसी किसी कीट के द्वारा बीज को खा लेना या पर्याप्त नमी का न मिलना आदि।

हमारे खेत में खाली स्थान न रहे और हमें अधिक उत्पादन मिले तो सही समय पर गैप को भरना बेहद जरूरी होता है । कपास की फसल में गैप फिलिंग का मतलब है की कतारों में पौधों के बीच की दूरी एक सामान होना। यह कार्य फसल लगाने के 10 दिन बाद किया जाता है।

फसल लगाने के बाद कुछ बीज उगते नहीं और कुछ उगने के बाद मर जाते है। इसी रिक्त स्थान को भरने की प्रक्रिया को गैप फिलिंग कहते है। ऐसा करने से पौधों के बीच की दूरी एक सामान रहती है। जिससे किसान भाइयों को उत्पादन अच्छा मिलता है।

उपरोक्त विडियो को पंजाब कृषि विश्वविधालय लुधियाना स्थित आई.सी.ए.आर के एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन रिसर्च इंस्टिट्यूट जोन -1 के डायरेक्टर डॉ राजबीर सिंह ने क्रॉप रेसीड्यू मैनेजमेंट नामक एक्सपर्ट व्हाट्सएप्प चर्चा समूह में शेयर करते हुए कहा है कि “फार्मर फ्रूगल इनोवेशन फॉर ट्रांसप्लांटिंग ऑफ़ कॉटन फॉर गैप फिलिंग” यानि किसान द्वारा कपास के खेत में पौधों में गैप भरने के लिए तैयार किया गया किफायती आविष्कार | ऐसे साधारण आविष्कारों से किसान अपना श्रम और लगात दोनों को बचा सकते हैं और बेहतरीन उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं |

थिनिंग प्रक्रिया

सवाल जवाब

सवाल थिनिंग प्रक्रिया क्या होती है इसे कपास के खेत में कैसे लागू किया जाता है ?
जवाब कपास की बुवाई के समय अक्सर ऐसा हो जता है कि बीज किन्ही कारणों से एक जगह पर ज्यादा लग जाता है और सभी बीज अंकुरित भी हो जाते हैं और उस जगह पर कपास के पौधों का घनत्व भी बहुत ज्यादा हो जाता है | इन पौधों को यदि समय रहते ना निकाला जाए तो ये एक दूसरे की बढवार पर असर डालते हैं | थिनिंग प्रक्रिया इस समस्या का बेहतरीन हल है जिसके तहत बुवाई के पन्द्रहवें दिन खेत में से अधिक घनत्व वाली जगह से पौधों को निकाल कर ऐसे स्थान पर लगाया जाता है जहाँ पर पौधे किसी वजह से उग नही सके हैं | ऐसा करने से खेत एक सार हो जाता है और कपास का उत्पादन अच्छा मिलता है |

Leave a Comment