खजूर की खेती कैसे करें और कितनी लागत से कितना होगा मुनाफा

खजूर की खेती पर प्रति एकड़ हरियाणा सरकार देगी 1.40 लाख की सब्सिडी- रेवाड़ी के किसानों ने किया आवेदन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार खजूर की खेती 4000 ईसा पूर्व मेसोपोटामिया (इराक) में हुई। मिस्र की सभ्यता में खजूर का वर्णन शराब बनाने के क्रम में मिलता है। भारतीय धार्मिक ग्रंथों में भी खजूर का वर्णन मिलता है, जबकि वनस्पति शास्त्र में इसे ताड़ की प्रजाति से जोड़कर वर्णन करते हैं। हालांकि वास्तुशास्त्रों के अनुसार खजूर के पेड़ को घर के आसपास लगाना शुभ नहीं माना जाता है।

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खजूर की किस्में

  • मादा खजूर- बरही, हिल्लावी एवं खुनेजी
  • नर खजूर- धनामी मेल, मदसरी मेल
  • देश में खजूर की प्रमुख किस्में (Major varieties of Dates Palm in the country)
  • बरही खजूर – इसकी उत्पत्ति बसरा (इराक) में हुई है।
  • मैडजूल खजूर- उत्पत्ति मोरक्को
  • खसाल खजूर- यह डोका अवस्था में पीले एवं मीठे होते हैं।

खर्च और कमाई

एक खजूर के पेड़ में अमूमन 70 से 10 किलो के बीच पैदावार होती है। एक एकड़ में 60 से 70 के बीच पौधे लग जाते हैं। खजूर के पौधे को बहुत कम पानी की जरूरत होती है। गर्मियों में 20 दिन में पानी देना चाहिए और सर्दियों में 40 दिन में। मौसम से खजूर को न के बराबर खतरा होता है परंतु पक्षी जरूर नुकसान कर देते हैं। पक्षियों को फलों से बचाने के लिए जाल बिछाकर बचाव कर सकते हैं। खजूर के भाव बदलते रहते हैं जबकि मौटेतौर पर खजूर 100रु से लेकर 300 किलो में बिकता है।

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खजूर का पेड़ कितने दिन में तैयार होता है?

आमतौर पर खजूर का पेड़ रोपाई के 3 से लेकर 5 साल बाद पैदावार देने के लिए तैयार हो जाता है।

Khajoor Tree

पौधे की कीमत क्या है?

खजूर का पौधा लगाने के लिए दरअसल ऑफशूट विधि का इस्तेमाल किया जाता है। यानी बड़े पेड़ की जड़ से निकले पौधे को ही पौध की तरह तैयारा किया जाता है। ऑफशूट विधि वाला यह पौधा 1000 से लेकर 2000 तक का मिलता है।

रेवाड़ी के किसानों ने किया खजूर पर सब्सिडी लेने के लिए आवेदन

रेवाड़ी जिले के किसानों का बागवानी की तरफ रूझान तेजी से बढ़ रहा है। खजूर की खेती को लेकर इस बार किसानों ने बागवानी विभाग में सब्सिडी के लिए अप्लाई किया है। रेवाड़ी जिले के हजारपुर एवं सहारनवास के 3 किसानों ने खजूर की खेती में रूचि दिखाई है और 7 एकड़ के लिए पंजीकरण भी करवाया है।

खजूर की खेती पर प्रदेश सरकार देगी प्रति एकड़ 1.40 लाख की सब्सिडी

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हरियाणा सरकार किसानों को खजूर की खेती के लिए 1.40 लाख रु का प्रति एकड़ अनुदान दे रही है। इस योजना में किसान अधिकतम 10 एखड़ तक अनुदान का लाभ ले सकते हैं। https://fasal.haryana.gov.in/ पर पंजीकरण कर सकते हैं।

मेरी फसल, मेरा ब्यौरा योजना का उद्देश्य

-किसान का पंजीकरण, फसल का पंजीकरण, खेत का ब्यौरा और फसल का ब्यौरा।
-किसानों के लिए एक ही जगह पर सारी सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता और समस्या निवारण के लिए एक अनूठा प्रयास।
-कृषि संबंधित जानकारियाँ समय पर उपलब्ध करना।
-खाद्य ,बीज ,ऋण व कृषि उपकरणों की सब्सिडी समय पर उपलब्ध करवाना।
-फसल की बिजाई-कटाई का समय व मंडी संबंधित जानकारी उपलब्ध करना।
-प्राकृतिक आपदा-विपदा के दौरान सही समय पर सहायता दिलाना।

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खराब पानी और खराब जमीन भी उपयोगी

खजूर की खेती या बागवानी करने के लिए उपजाऊ जमीन की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह तो खराब पानी और खराब जमीन में आसानी से की जा सकती है। बस उस जगह का तापमान 25 डिग्री से 40 डिग्री तक होना चाहिए। किसानों के लिए सबसे बड़ी जिज्ञासा यही रहती है कि पौधे लगाने का समय कौन सा है? दरअसल खजूर के पौधे जुलाई से सितंबर और फरवरी से मार्च के बीच में लगाए जा सकते हैं।

खजूर के पौधे कैसे लगाएं

खजूर के पौधे लगाने के लिए गड्ढे की खुदाई कितनी करनी है और दो पौधों के बीच की दूरी कितनी रखनी है। इन बातों का ज्ञान बेहद जरूरी है। आइए आपको पूरी जानकारी विस्तार बताते हैं- एक गुणा 1 गुणा 1 मीटर आकार के गड्ढे पौधे लगाने से एक महीने पहले खोद लेने चाहिए। एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 8 मीटर होनी चाहिए।

गड्ढों में ऊपर की उपजाऊ मिट्टी, 20 किलो सड़ा हुआ गोबर, डेढ़ किलो सिंगल सुपर फास्फेट, 100ग्राम काबोफ्यूरोन 3जी, मिलाकर गड्ढे को लगभग 70% गहराई तक भर देना चाहिए। नीचे वाली मिट्टी को उपरी 30फीसदी भाग से भर देना चाहिए। पौधे लगाने से पहले गड्ढे में पानी भर देना चाहिए। ताकि मिट्टी अच्छी तरह बैठ जाए।

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इस तरह आप खजूर की बागवानी की खेती कर सकते हैं। आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी, यह हमें जरूर बताएं और आपके मन में कोई सवाल हो तो वो भी हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं, ताकि हम आपकी मदद कर सकें।

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