पीएम फसल बीमा (PM Fasal Bima) की एक कमी के कारण परेशान हैं देशभर के किसान

PM Fasal Bima पीएम फसल बीमा : हिसार में 4000 किसानों के आवेदन हुए रिजेक्ट व रिवर्ट

जानिए- राजस्थान के किसानों ने कैसे करवाए वापिस आवेदन ठीक

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सम्बंधित सभी छोटी-बड़ी जानकारियां किसानों तक पहुंचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बीमा कंपनियों की होती है। क्या बीमा कम्पनी अपनी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाती हैं? इस सेक्शन में हम बीमा कम्पनी की जिम्मेदारियों एवं लूपहोल पर चर्चा करेंगे।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima) को लेकर पिछले आर्टिकल में हमने यह विस्तार से बताया था कि गैर-ऋणी किसान जब अपनी फसलों का बीमा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC ) से करवाते हैं तो बीमा कंपनियों द्वारा खरीफ और रबी की फसलों के लिए बीमा करवाने की तिथियां अगस्त और दिसंबर महीने में 1 तारीख से लेकर 31 तारीख तक होती हैं। जब किसान मांगे गए कागजात एवं जानकारियां फसल बीमा योजना पोर्टल पर दर्ज कर देते हैं तो वर्क लोड एवं गलती से भरी गई जानकारियों को सुधार के लिए अतिरिक्त समय की मांग लंबे समय से किसानों द्वारा की जा रही है।

ताजा मामला : हरियाणा के 4082 के फार्म हुए कैंसल

हरियाणा के हिसार जिले के कुल 4082 एप्लीकेशन वापस हुए हैं। जिन किसानों के फार्म वापिस हुए हैं उनके कारण ये बताए गए हैं-
-बैंक कॉपी साफ अपलोड न होने,
-मेरी फसल मेरा ब्योरा,
-जमीन डिटेल अपलोड न होने इत्यादि को कारण बताया गया है।

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फसल बीमा (Fasal Bima) के लिए अंतिम तिथि समाप्त होने के डेढ़ महीने बाद मिली इस जानकारी से सीएससी (CSC) संचालक एवं किसान परेशान हैं। किसान यूनियन ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बीते जुलाई में बैंक और सीएससी के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ की फसलों का किसानों ने बीमा कराया था। जिन किसानों ने केसीसी (KCC) करवाई हुई थी उनका बीमा बैंकों के माध्यम से हो गया। जिनकी केसीसी नहीं बनी थी, उन्हें सीएसी के माध्यम से करवाया था।

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गोरछी निवासी मनीष ने बताया कि उनके गांव के 215 में से 195 फार्म वापस हुए हैं। पनिहार चक्क निवासी अनिल ने बताया कि उनके यहां सभी 405 एप्लीकेशन वापस हो गए हैं। डाटा गांव के सतीश गोयल ने बताया कि 205 एप्लीकेशन, विजेंद्र ने बताया कि लाडवा से 420 एप्लीकेशन, सिंघरान सीएससी की 120 एप्लीकेशन वापस हुए हैं। बालसमंद के 49 एप्लीकेशन, सीएससी हसनगढ़ के 48, पवन डाटा के 60 एप्लीकेशन और कनोह में 123 और चौधरीवास में 200 किसानों में से अधिकांश का फार्म वापस हो गया है। सीसवाला में भी सभी आवेदन वापस हुए हैं। खामियां दूर हो जाएगी।’ बालसमंद निवासी राजकुमार ने बताया कि उनके 10 एप्लीकेशन वापस आए हैं। रावलवास खुर्द के प्रवीण की 6 एप्लीकेशन वापस हुए हैं।

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फसल बीमा (Fasal Bima) को ठीक करने के लिए क्या किया जा सकता है अब

शिविर लगाकर किसानों के फसल बीमा (Fasal Bima) फार्म में किया जा सकता है सुधार

जिन गैर ऋणी किसानों की सीएससी के माध्यम से सृजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खरीफ 2022 की बीमा पॉलिसी दस्तावेजों के अभाव में रिजेक्ट या रिवर्ट कर दी गई थी, ऎसे किसानों के लिए यह शिविर आयोजित किया जा सकता है। सभी किसान अपने मूल दस्तावेज यथा जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक खाते की प्रति के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपनी रिवर्ट अथवा रिजेक्ट फसल बीमा (Fasal Bima) पॉलिसी में सुधार मौके पर करवाने की व्यवस्था की जा सकती है। सकते हैं। इन शिविरों में संबंधित किसानों की पॉलिसी में सुधार किए जा सकते हैं।

फसल बीमा (Fasal Bima) में क्या सुधार होने चाहिए

-31 अगस्त और 31 दिसंबर को पीएम फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojna) की फार्म भरने की अंतिम तिथि होती है। ऐसे में अगल 15 दिन कागजात चैक करने के लिए निर्धारित होने चाहिए। उसके बाद फार्मों में रही कमियों एवं दस्तावेजों के अपलोड करने के लिए अगले 10 दिन का समय मिलना चाहिए। अन्यथा देश भर के किसानों को हर सीजन में इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा।

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