पी.एम. किसान मानधन योजना

छोटे किसानों की पेंशन योजना : हर महीने मिलने तीन हज़ार रुपये

12 दिसम्बर 2019 को लांच हुई यह अनूठी योजना छोटे किसानों को समाजिक सुरक्षा प्रदान करने का काम करती है | वृद्धावस्था में किसानों को उनकी दैनिक छोटी मोटी आवश्यकताओं की पूर्ती हेतु यह योजना शुरू की गयी है | इसमें तीन हज़ार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से साल में छत्तीस हज़ार रूपये सीधे किसान के खाते में भेजे जाने का प्रावधान है |

PM Kisan Mandhan Yojana

इस योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है ?

60 वर्ष की आयु होते ही लघु एवं सीमान्त किसान इस योजना का पात्र हो सकता है | केवल आयु ही पात्रता की सभी शर्तें पूरी नही करती है इसके लिए कुछ और भी शर्तें रखी गयी हैं जिनके बारे में आगे विस्तार से बताया जाएगा | यह एक प्रकार से स्वैछिक पेंशन योजना है | इसमें लघु एवं सीमान्त वर्ग में आने वाले किसानों को 55 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह अंशदान करना पड़ता है | कितना अंशदान करना है यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस उम्र में इस योजना में किसान अपना एनरोलमेंट कर रहा है |

उदहारण के लिए यदि किसान 18 वर्ष की आयु में अपना एनरोलमेंट करता है तो उसको 55 रुपये प्रतिमाह का अंशदान करना होगा और यदि किसान 30 साल की उम्र में अपना एनरोलमेंट करता है तो उसे 110 रुपये प्रतिमाह अंशदान करना पड़ेगा | जितना अंशदान किसान करता है उतना अंशदान केंद्र सरकार अपने फण्ड से किसान के पेंशन खाते में जमा करती है जो उसे 60 साल की उम्र पूरी होने पर मिलने लगेगी |

इस योजना का लाभार्थी बनने के लिए किसान की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास जमीन 5 एकड़ से ज्यादा ना हो |

सरकार द्वारा कुछ अपात्रता के मानदंड भी बनाये गये हैं यदि किसान उन मानदंडों में से किसी एक श्रेणी में भी आता है तो वो इस योजना का लाभ नही ले सकता है |

  • यदि कोई लघु एवं सीमान्त किसान सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनायें जैसे नेशनल पेंशन स्कीम , ई.पी.ऍफ़.ओ. प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना या प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना का लाभार्थी है तो वह किसान मानधन योजना में भाग नही ले सकता है |
  • वर्तमान और निवर्तमान : राज्य मंत्री , लोक सभा ,राज्य सभा और राज्य की असेम्बलियों के सदस्य, राज्यों की कौंसिलों के सदस्य , म्युनिसिपल कार्पोरेशंस के मेयोर, जिला पंचायतों के चेयरमैन आदि |
  • सभी सेवारत और रिटायर्ड : केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारी और कर्मचारी केंद्र और राज्य की सभी स्वायत्त: संस्थाओं के कर्मचारी और अधिकारी, लोकल बॉडीज के रेगुलर कर्मचारी और अधिकारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ, वर्ग चार और डी में आने वाले कर्मचारी को छोड़ कर )
  • ऐसे कर्मचारी और अधिकारी जो दस हज़ार रुपये प्रतिमाह से अधिक मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं वे इस योजना के पात्र नही हो सकते हैं |((मल्टी टास्किंग स्टाफ, वर्ग चार और डी में आने वाले कर्मचारी को छोड़ कर )
  • वे सभी नागरिक जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में इनकम टैक्स भरा है |
  • वे सभी प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर्स , इंजीनिअर्स , आर्किटेक्ट्स जिनका सम्बन्ध प्रोफेशनल बॉडीज से है और जो अपनी रेगुलर प्रैक्टिस कर रहे हैं वे पी एम् किसान सम्मान निधि योजना के पात्र नही हो सकते हैं |

सवाल जवाब

क्या इस योजना में पंजीकरण करवाने के बाद पी एम् किसान सम्मान योजना के सालाना 6000 रुपये की राशि किसान को मिलती रहेगी ?

जवाब जी हाँ , इस योजना में पंजीकरण कराने और लाभ लेने की स्थिति में भी पी एम किसान सम्मान योजना के तहत मिलने वाली सालाना 6000 रुपये की राशि भी किसान को मिलती रहेगी |

इस योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कैसे कराया जा सकता है ?

इस योजना में पंजीकरण करवाने के लिए किसान के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने आवश्यक हैं :

  1. आधार कार्ड
  2. पहचान पत्र
  3. आयु प्रमाण पत्र
  4. आय प्रमाण पत्र
  5. खेत की खसरा खतौनी
  6. बैंक खाते की पासबुक
  7. मोबाइल नम्बर (कोशिश करें वह मोबाइल नम्बर दें जो आधार कार्ड में लिंक है )
  8. पासपोर्ट साइज़ फोटो

यह सब कागजात एकत्र करने के बाद https://maandhan.in वेब पोर्टल को खोलें

नीचे दाहिने हाथ की तरफ एक हरे रंग का बटन दिखाई देगा Click here to apply इसे दबा देने पर आपको एक फॉर्म दिखाई देगा जिसमें आपका फोन नम्बर माँगा जाएगा और फोन नम्बर भरने पर आपके मोबाइल में एक OTP ( वन टाइम पासवर्ड ) एस एम् एस के रूप में आयेगा जिसे ऑनलाइन फॉर्म में बताई गयी निर्धारित जगह पर भरने से आप आगे का फॉर्म भर पाएंगे और आपका पंजीकरण हो जाएगा |

सवाल : अब तक इस योजना में देश के कितने किसान अपना पंजीकरण करा चुके है ?

आज दिनांक 18 मई 2021 तक कुल 2129338 (इक्कीस लाख उनतीस हज़ार तीन सौ अडतीस किसान अपना पंजीकरण करवा चुके हैं |

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