रामवीर तंवर का जोहड़ बचाने का अनूठा #सेल्फी_विद_जोहड़_चैलेंज

रामवीर तंवर का बचपन उत्तर प्रदेश राज्य के नोयडा इलाके के गांव दाधा में पढ़ाई के साथ साथ अपने किसान पिता की खेतों में मदद करते हुए बीता| रामवीर अपना बचपन यद् करते हुए बताते हैं कि उनके गाँव और आसपास इलाके में खूब सारे जोहड़ तालाब छप्पड़ मौजूद थे जहाँ उनका बचपन अपने पशु चुगाते हुए बीता था |

ramvir telling his story

लेकिन स्कूल और इंजीनियरिंग कालेज की पढ़ाई के बादरामवीर ने जब फिरसे अपने इलाके को घूमकर देखा तो बड़ा आश्चर्य हुआ कि लगभग सारे जोहड़ तालाब और छप्पड़ आलमोस्ट गायब हो चले थे और इलाके का भूजल तेजी से नीचे गिर रहा था|

रामवीर ने अपनी दूर दृष्टि से यह समझ लिया था कि आने वाले दिनों में उनके इलाके केलोगों को पानी की बड़ी तंगी झेलनी पड़ सकती है क्यूंकि जो जोहड़ और वेटलैंड्स थे वे सभी स्थानीय ग्रामीणों केद्वारा अपने कूड़े के निस्तारण के मकसद से डम्पिंग ग्राउंड के जैसे प्रयोग कर लिए थे

ऐसा करने से पूर्व किसी ने भी यह नही सोचा की इसके कितने दूरगामी दुष्परिणाम होंगे
रामवीर ने तय कर लिया कि वो इस मसले में कुछ ना कुछ ठोस कदम उठाएगा और अपने इलाके के जोहड़ों तालाबों और छप्पडों को पुनर्जीवित करेगा

रामवीर ने जब अपने इलाके में बैठकों के मार्फ़त लोगों से बात करनी शुरू की तो उसे महसूस हुआ कि लोग सामूहिक रूप से बैठकों में बिलकुल अलग सा व्यवहार करते हैं तो उसने सामूहिक बैठकें करना बंद करके एक एक व्यक्ति के घर में जा कर बातचीत का सिलसिला शुरू किया और एक एक्व व्यक्ति को सेंसेटाईज करना शुरू किया |

Jal Chaupal

रामवीर ने फिर ऐसे लोगों को दोबारा सामूहिक बैठकों में बुलाया जो उसकी मंशा को समझ चुके थे और रामवीर के वैचारिक समर्थन में उसके साथ खड़े थे. अब बैठकों में माहौल बदल गया था और एक्शन प्लान बनाने के बारे में विचार मांगे जाने लगे थे. रामवीर कोअपनी इस आंशिक सफलता से बेहद ख़ुशी और उत्साह की प्राप्ति हुई. रामवीर नें बैठकों को नाम दिया जल चौपालऔर यह नाम बेहद चर्चा में आ गया

साल 2015 में रामवीर की प्रेरणा और मार्गदर्शन में पहले तालाब को साफ करके पुनर्जीवित करने की योजना बनी और इस दल में स्थनीय ग्रामीणों छात्रों और स्वयं सेवकों के टीम ने एकजुट होकर काम किया.तालाब को ना सिर्फ साफ किया गया अपितु उसके चारों और पौधारोपण भी किया गया

समस्या कितनी विकराल और विकट है

रामवीर बताते हैं कि भारत सरकार का थिंक टैंक कहे जाने वाले नीति आयोग ने जून 2018 में अप्निएक्रेपोर्ट में बताया कि भारत अपने पूरे इतिहास के दौर का सबसे बुरा पानी की कमी का संकट झेल रहा है जहाँ एकतरफ सीधे 60 करोड़ लोग पानी की कमी को झेल रहे हैं और लगभग 2 लाख लोग हर साल साफ़ पानी ना मिल पाने कारण बीमारियों से ग्रसित होकर कालकवलित हो जाते हैं. यह खराब प्रतीत होने वाली स्थिति दिन प्रतिदिन और खराब होती जा रही है. रिपोर्ट में बताये गये एक अनुमान के अनुसार साल 2030 तकभारत की आधी जनता के पास पीने का साफ़ और सुरक्षित पानी उपलब्ध नहीं होगा

रामवीर की टीम कैसे काम करती है

रामवीर बताते हैं कि एक जोहड़ को उसके साईज के अनुसार साफ़ करने पर 2 लाख से 25 लाख रुपये का अनुमानित खर्च आता है | रामवीर ने स्थानीय स्तर पर एक टीम का गठन किया हुआ है जिसमें वकील ,अध्यापक,इंजिनियर और स्वयं सेवक शामिल हैं.यह टीम आसपास के गाँवों में जहाँ जोहड़ बर्बाद होचुके हैं वहां पर जल चौपाल लगाती है और स्थानीय लोगों को जागृत करती है.

ram pond cleaning

फिर चेतनशील स्थानीय लोगों की एक टीम बनाई जाती है जो सामूहिक श्रमदान की शुरुआत करती है. जोहड़ के अंदर जा कर लगभग 500 किलो से लेकर 1000 किलो तक प्लास्टिक निकला जाता है जिसे री साइकिलिंग संयंत्र में भेजा जाता है

जोहड़ को साफ करके उसकी मरम्मत भी की जाती है ताकि उसमें पानी आने के रास्तों की सभी अडचने हट जाएँ और जोहड़ वर्षा के पानी से भरने लगे

काम की समाप्ति पर एक और जल चौपाल लगाईं जाती है ताकि गाँव के लोगों जोहड़ के प्रति संवेदी बनाया जा सके

#सेल्फी_विद_पौंड_कैपेंन

रामवीर बताते हैं कि आजकल युवाओं में सेल्फी खींचने को लेकर बहुत क्रेज दिखाई देता है और वे लगातार सोशल मीडिया में अपनी सेल्फियाँ अपडेट करते रहते हैं.युवाओं को अपने गाँव के जोहड़ से कनेक्ट करने केलिए रामवीर ने #SelfieWithPond अपने जोहड़ के साथ सेल्फी खींचें कैम्पेन को चालू किया जिसे इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने नेशनल स्टोरी की तराह से कवरेज दी

Slefie with Pond 1

जिसका असर यह हुआ कि दुनिया के विभिन्न देशों और भारत के विभिन्न राज्यों से लोगों ने अपने जोहड़ के साथ सेल्फियाँ भेजी. जब युवा अपने गाँव के जोहड़ों जोहड़ पर सेल्फी खीचने गया तो उसके मन ने जोहड़ केसाथ अवश्य संवाद किया होगा

रामवीर के कैरियर का ग्राफ देखें कुछ ऐसे चढा है

2015 सियेंट कम्पनी में बतौर इंजिनियर अपनी सेवाएँ देने लगे
2015आर टी आई एक्टिविस्ट के तौर पर भी काम किया
2018टी.सी.एस सी.एम.सी. में छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण देने भी जाने लगे
2019TEDx स्पीकर के तौर पर बुलाया गया
2019राष्ट्रीय स्वयं सिद्ध सम्मान
2019रेक्स कर्मवीर चक्र अवार्ड विनर
2019शाई निंग वर्ल्ड प्रोटेक्शन अवार्ड
Ramvir felicitation

रामवीर पौंड मैन के नाम से अपने इलाके में विख्यात हो चुके है और अपने प्रयासों से भारत के युवाओं को अपने अपने इलाके में कामकरने के लिए प्रेरित कर रहे हैं

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