चना, सरसों, बिनौला खल, उड़द में जाने तेजी मंदी रिपोर्ट

सरसों की कीमतों में तेजी मंदी

घरेलू बाजार में गुरुवार को सरसों की कीमतें स्थिर हो गई। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 5,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हुए। इस बीच सरसों की दैनिक आवक 4.50 लाख बोरियों के पूर्व स्तर पर रुक गई। खाद्य तेलों की कीमतों में दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। जिस कारण घरेलू बाजार में सरसों में तेल मिलों की खरीद कमजोर होने से दाम स्थिर हो गए। उत्पादक राज्यों राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में मौसम खराब है, इसलिए सरसों की दैनिक आवक में कम हो रही है। मौसम साफ होने के बाद फिर से सरसों की दैनिक आवक बढ़ेगी।

सोया तेल की कीमतों में आई गिरावट के साथ ही अमेरिकी जैव ईंधन मलेशियाई पाम तेल वायदा गुरुवार को लगातार तीसरे सत्र में कमजोर होकर बंद हुआ। मलेशियाई पाम तेल उत्पादों का निर्यात मई की तुलना में 16.8 फीसदी कम हुआ है। इस दौरान शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड में सोया तेल की कीमतें 3.44 फीसदी कमजोर हुई।

जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमतें गुरुवार को 4-4 रुपये तेज होकर भाव क्रमश 981 रुपये और 971 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान सरसों खल के दाम 2555 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

बिनौला खल में तेजी मंदी

कपास खल बिनौला और तेल में अप्रत्याशित गिरावट देखी जा रही है। कपास उत्पादन में इस साल बड़ी गिरावट रहने के कारण किसान को न तो भाव मिला और न ही व्यापार को कोई सहारा मिला। बल्कि कपास से जुड़े उद्योग तो इस सीजन में काफी नुक्सान में रहे हैं। बाजार में कपास और खल में भी गिरावट बढ़ी है। सरकार ने बताया की इस साल कपास उद्योग से जुड़े लोगों का आत्मविश्वास बना ही नहीं क्योंकि उत्पादन कम होने, बजट में कोई सहयोग नहीं मिलने और घरेलू खपत घटने जैसे कारणों से कपास उद्योग मायूस रहा। सभी ने हैंड टू माउथ काम चलाया। किसी के पास स्टाक है। उन्होंने कहा कि अभी बिजाई चल रही है लेकिन रिपोर्ट संतोष जनक नहीं है। आगे चलकर आपूर्ति और तंग होने वाली है इसलिए बिनौला खल व तेल में मंदा नहीं लगता। मांग बढ़ने से भाव में सुधार की संभावना है।

उड़द में नरमी की संभावना

बर्मा में उड़द के दाम कमजोर होने से घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतों में गिरावट आई है। वैसे भी घरेलू बाजार में उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग कमजोर बनी हुई है, दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। जानकारों के अनुसार अगले तीन,चार दिनों में मानसून रफ्तार पकड़ेगा, जिससे उड़द की कीमतों पर दबाव बन सकता है। समर उड़द की आवक बराबर बनी हुई है। इसलिए उड़द के भाव में आगे और भी नरमी बन सकती है।

बर्मा में उड़द का स्टॉक अधिक मात्रा में है, तथा उत्पादक राज्यों में मानसून होने के बाद बर्मा से बिकवाली बढ़ सकती है चेन्नई में उड़द एसक्यू 2023 के दाम हाजिर डिलीवरी के भाव 50 रुपये कमजोर होकर दाम 8800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान उड़द एफएक्यू के भाव 8050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 100 रुपये कमजोर होकर भाव 8,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

चना में सीमित रहेगी तेजी मंदी

दाल मिलों की सीमित खरीद से चना के दाम स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार चना के दाम तो तेज हुए थे, लेकिन दाल एवं बेसन में ग्राहकी नहीं बढ़ पाई जिस कारण दाम रुक गए हैं। हालांकि व्यापारी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं कर रहे, क्योंकि दाम पहले ही उत्पादक मंडियों में काफी नीचे आ चुके हैं। चना का बकाया स्टॉक नेफेड के पास ज्यादा है इसलिए स्टॉकिस्ट चना में जोखिम नहीं ले रहे हैं।

दिल्ली में राजस्थान के चना के भाव 5,075 से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश के चना के भाव 5,100 रुपये प्रति क्विंटल हुए।