सरसों, उड़द, सोया पाम तेल में जाने तेजी मंदी रिपोर्ट

सोया पाम तेल में तेजी

सोमवार को बाजार में खाद्य तेलों में तेजी रही। घरेलू बाजार में भी तेजी आई। सोया पाम तेल में 5 से 10 रुपये प्रति दस किलो की तेजी दिखाई दी और प्लांटों में सोयाबीन भाव 25-50 रुपये घटा बढ़ा। महाराष्ट्र कीर्ति प्लांट सोया तेल 5 रुपये बढ़कर 965 और पाम तेल 10 रुपये बढ़कर 910 रुपये प्रति दस किलो पर पहुंच गया।

मलेशिया में भी पाम तेल निर्यात 7 प्रतिशत तक घट गया। जानकारों के अनुसार विदेशी पाम अब काफी सस्ता है इसलिए खरीददार सतर्क हो गए हैं। पाम तेल का स्टाक बड़ा है तो मुनाफा वसूली करनी चाहिए। घरेलू बाजार में सोया तेल का स्टाक मजबूत है। इस सीजन में महाराष्ट्र में बिजाई 1 लाख हेक्टेयर तक ही हुई है।

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को सोयाबीन बिजाई रोकने को कहा है। गुजरात में सोयाबीन की बिजाई अधिक हो चुकी है। सोयाबीन व सोया तेल में बड़ी तेजी की संभावना कम है लेकिन बाजार में तेजी मंदी होती रहेगी ।

सरसों में सुधार

तेल मिलों की मांग बनी रहने के कारण बाजार में सोमवार को सरसों की कीमतें बढ़ गई। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 25 रुपये बढ़कर 5,375 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 4.90 लाख बोरियों की हुई। विदेशी बाजार में खाद्य तेलों के दाम तेज बने हुए हैं जिस कारण घरेलू बाजार में भी सरसों एवं इसके तेल की कीमतों में तेजी रहेगी। मौसम अभी भी खराब बना हुआ है। व्यापारियों के अनुसार मौसम साफ होने के बाद सरसों की दैनिक आवक में फिर से बढ़ने की उम्मीद है।

ब्रांडेड तेल मिलों ने सरसों की खरीद कीमतों में 25 से 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी की है। शिकागो में मलेशियाई पाम तेल वायदा के दाम सोमवार को तेज होकर बंद हुए। पिछले सप्ताह मलेशियाई पाम तेल वायदा की कीमतों में 3.29 फीसदी की गिरावट आई।

डालियान का सबसे सक्रिय सोया तेल वायदा अनुबंध 0.53 फीसदी तेज हुआ और पाम तेल वायदा 0.76 फीसदी बढ़ा। जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमतें सोमवार को 7-7 रुपये तेज होकर भाव क्रमश 1,005 रुपये और 995 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान सरसों खल के दाम 2575 रुपये प्रति किंटल पर स्थिर हो गए।

उड़द में नरमी की उम्मीद

बर्मा में उड़द की कीमतों में गिरावट आने के कारण घरेलू बाजार में दाल मिलों की खरीद कम हो गई। जिससे इसकी कीमतों में मंदा आया है। उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग पहले से कुछ कमजोर है। इसलिए दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं।

उत्पादक राज्यों में मानसून जोरो से है। इसकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उत्पादक मंडियों में समर उड़द की आवक भी बनी हुई है। उड़द भाव में आगे और भी नरमी बन सकती है। व्यापारियों के अनुसार बर्मा में उड़द का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है।

चेन्नई में उड़द एसक्यू 2023 के दाम हाजिर डिलीवरी के भाव 50 रुपये कमजोर होकर दाम 8550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। और उड़द एफएक्यू के भाव 25 रुपये घटकर 8025 रुपये प्रति क्विंटल पर रह गए। मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 8,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।